ऐ ग़मों की आंच पे आंसू उबाल कर देखो ,

ऐ ग़मों की आंच पे आंसू उबाल कर देखो ,
ये बने है रंग किसी पे डालकर देखो
चुभन दिल की तुम्हारे जरूर काम होगी
किसी के पाँव से कांटा निकल कर देखो

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